लेटलतीफी:24 वर्ष की उम्र में लगा था दुष्कर्म के प्रयास का आरोप, 34 साल बाद 58 की उम्र में पकड़ा गया, अब पुलिस ढूंढ़ रही केस डायरी

लेटलतीफी:24 वर्ष की उम्र में लगा था दुष्कर्म के प्रयास का आरोप, 34 साल बाद 58 की उम्र में पकड़ा गया, अब पुलिस ढूंढ़ रही केस डायरी

भिंडएक दिन पहले
  • मथुरा, वृंदावन, देहरादून सहित कई शहरों में फरारी काटी, मुखबिर की सूचना पर पकड़ा

शहर कोतवाली पुलिस ने ग्वालियर जिले से विभिन्न मामलों में फरार चल रहे दो आरोपियों को पकड़ा है। इनमें से एक पर जहां 10 हजार रुपए का ईनाम था। वहीं दूसरा पांच हजार रुपए का इनामी है। खास बात तो यह है कि 10 हजार रुपए का इनामी आरोपी पिछले 34 सालों से फरार चल रहा था। बताया जा रहा है कि देवरी निवासी सुरेश पाठक (58) पुत्र रामसिया पाठक पर वर्ष 1986 में एक दुष्कर्म के प्रयास का एक केस दर्ज हुआ था। तब सुरेश की उम्र 24 वर्ष थी। उन्होंने ग्वालियर की किसी महिला के साथ कमरे में बंद कर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। इस घटना के बाद से ही सुरेश कभी मथुरा वृंदावन, कभी देहरादून सहित विभिन्न शहरों फरारी काट रहे थे।

जबकि न्यायालय से उनका स्थाई वारंट जारी हो चुका था। तत्कालीन पुलिस अफसरों द्वारा उनकी गिरफ्तारी के लिए उन पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। लेकिन 34 साल बाद शहर कोतवाली टीआई उदयभान सिंह यादव को जरिए मुखबिर सूचना मिली कि सुरेश पाठक इस समय ग्वालियर में रह रहे हैं। इस पर पुलिस ने शनिवार की सुबह करीब नौ बजे ग्वालियर के मेहरा गांव से दबोच लिया। आज सुरेश की उम्र 58 वर्ष हो चुकी है। साथ ही उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में जो गवाह था उसकी भी मौत हो गई है। वहीं फरियादी महिला का भी अब पता नहीं है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस थाना में उनकी डायरी की धूल साफ कर रही है।

शहर कोतवाली पुलिस ने ग्वालियर जिले से विभिन्न मामलों में फरार चल रहे दो आरोपियों को पकड़ा है। इनमें से एक पर जहां 10 हजार रुपए का ईनाम था। वहीं दूसरा पांच हजार रुपए का इनामी है। खास बात तो यह है कि 10 हजार रुपए का इनामी आरोपी पिछले 34 सालों से फरार चल रहा था। 
बताया जा रहा है कि देवरी निवासी सुरेश पाठक (58) पुत्र रामसिया पाठक पर वर्ष 1986 में एक दुष्कर्म के प्रयास का एक केस दर्ज हुआ था। तब सुरेश की उम्र 24 वर्ष थी। उन्होंने ग्वालियर की किसी महिला के साथ कमरे में बंद कर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। इस घटना के बाद से ही सुरेश कभी मथुरा वृंदावन, कभी देहरादून सहित विभिन्न शहरों फरारी काट रहे थे। जबकि न्यायालय से उनका स्थाई वारंट जारी हो चुका था। तत्कालीन पुलिस अफसरों द्वारा उनकी गिरफ्तारी के लिए उन पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। लेकिन 34 साल बाद शहर कोतवाली टीआई उदयभान सिंह यादव को जरिए मुखबिर सूचना मिली कि सुरेश पाठक इस समय ग्वालियर में रह रहे हैं। इस पर पुलिस ने शनिवार की सुबह करीब नौ बजे ग्वालियर के मेहरा गांव से दबोच लिया। आज सुरेश की उम्र 58 वर्ष हो चुकी है। साथ ही उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में जो गवाह था उसकी भी मौत हो गई है। वहीं फरियादी महिला का भी अब पता नहीं है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी के बाद कोतवाली पुलिस थाना में उनकी डायरी की धूल साफ कर रही है।

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