Coronavirus vaccine: बस दो दिन और, दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन का होगा पंजीकरण, जानिए किसे मिलेगी पहले

Coronavirus vaccine: बस दो दिन और, दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन का होगा पंजीकरण, जानिए किसे मिलेगी पहले

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 10 Aug 2020 12:44 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

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आखिर कब मिलेगी कोरोना की वैक्सीन? यह सवाल दुनियाभर के लोगों की चिंताएं बढ़ा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, इस वक्त दुनियाभर में 21 से ज्यादा वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल के चरण में हैं। भारत, ब्रिटेन, रूस, अमेरिका और चीन देश वैक्सीन बनाने के लगभग करीब पहुंच चुके हैं। लेकिन रूस के दावे के मुताबिक, वैक्सीन के लिए उसका इंतजार अब कुछ ही दिनों का है। बस दो दिन बाद यानी 12 अगस्त को वैक्सीन का पंजीकरण कराया जाएगा। रूस की इस वैक्सीन को दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन माना जा रहा है। इसे रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ी एक संस्था गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित किया गया है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही यह वैक्सीन लोगों के लिए उपलब्ध होगी। आइए जानते हैं यह वैक्सीन पहले किसे मिलेगी और इसके लिए टीकाकरण अभियान कब चलाया जाएगा। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने दावा किया है कि उनकी वैक्सीन ट्रायल में सफल रही है और अक्तूबर महीने से देश में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने अपने देश के नागरिकों के लिए राहत की बात बताते हुए कहा है कि इस टीकाकरण अभियान में आने वाला पूरा खर्च सरकार ही उठाएगी। इसके लिए लोगों के ऊपर भार नहीं डाला जाएगा। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वही रूस के उप स्वास्थ्य मंत्री ओलेग ग्रिदनेव के मुताबिक, फिलहाल वैक्सीन का तीसरा यानी अंतिम चरण का ट्रायल चल रहा है और यह बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस वैक्सीन के प्रभाव के बारे में बताते हुए कहा कि इसका पता तो तब चल पाएगा जब बड़े पैमाने पर लोगों के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) विकसित हो जाएगी। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा है कि 12 अगस्त को दुनिया की इस पहली कोरोना वायरस वैक्सीन का पंजीकरण कराया जाएगा। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
इससे पहले रूस ने अपने वैक्सीन को लेकर ये दावा किया था कि क्लिनिकल ट्रायल के दौरान जिन लोगों को यह वैक्सीन लगाई गई थी, उन सभी में कोरोना वायरस के खिलाफ रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) पाई गई है। इससे तो साफ-साफ पता चलता है कि यह एक कारगर वैक्सीन साबित हो सकती है। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
हालांकि वैक्सीन को लेकर रूस के इन दावों पर कई देश संदेह जता रहे हैं। ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई अन्य देशों के विशेषज्ञ इस वैक्सीन की सुरक्षा और प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं। ब्रिटेन ने तो रूस की इस वैक्सीन का इस्तेमाल करने से ही साफ इनकार कर दिया है। असल में इसकी वजह ये है कि रूस ने इस वैक्सीन के परीक्षण से संबंधित कोई भी साइंटिफिक डाटा जारी ही नहीं किया है। अब दूसरे देश भले ही संदेह करें, लेकिन रूस को अपने वैक्सीन पर कोई भी संदेह नहीं है। तभी तो वह अक्तूबर से टीकाकरण अभियान चलाने की बात कह रहा है। 
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