कोरोना महामारी खत्म होने के बाद ही खोले जाएंगे स्कूल, सरकार ने जारी किया बयान

कोरोना महामारी खत्म होने के बाद ही खोले जाएंगे स्कूल, सरकार ने जारी किया बयान

सरकार के प्रयासों और लोगों में जागरूकता के कारण दिल्ली में कोरोना कंट्रोल में आ चुका है, बावजूद इसके जब तक कोरोना खत्म नहीं होता स्कूल नहीं खोले जाएंगे.

  

School Reopening: दिल्ली में स्कूलों को कोरोनावायरस महामारी के मद्देनजर खोले जाने को लेकर बीते कल अरविंद केजरीवाल साफ कर चुके हैं कि जब तक कोरोना वायरस महामारी पूरी तरह से राजधानी दिल्ली से खत्म नहीं हो जाता, तब तक दिल्ली में स्कूल नहीं खोले जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों और लोगों में जागरूकता के कारण दिल्ली में कोरोना कंट्रोल में आ चुका है, बावजूद इसके जब तक कोरोना खत्म नहीं होता स्कूल नहीं खोले जाएंगे. Also Read - Covid-19: राजस्थान में कोरोना का कहर! 24 घंटे में रिकॉर्ड 1317 नए मामले सामने आए, 14 की मौत

वहीं इस मामले पर ऑल इंडिया पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और शिक्षामंत्री के समक्ष हमने जो 3 मुद्दे रखे हैं, उनमें से एक मुद्दा कोरोना के खत्म होने तक स्कूल के न खोले जाने को लेकर भी है. बता दें कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा आदेश जारी कर सभी राज्यों को कहा गया था कि स्कूलों के खोले जाने के विषय में अभिभावकों की राय जानने का प्रयास करें. Also Read - सोशल डिस्टेंसिंग से लेकर डिस्प्ले वाली स्क्रीन तक, संसद के मानसून सत्र शुरू होने से पहले की जा रही है जमकर तैयारी

वहीं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सूचना जारी कर कहा था कि दिल्ली में संक्रमण के मद्देनजर 31 अगस्त तक स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे. यही नहीं अभिभावकों के एक समूह द्वारा भी इसपर सहमति जताई. अभिभावकों के मुताबिक दिल्ली सरकार के स्कूलों में सेमी ऑनलाइन शिक्षा को लेकर उनका फीडबैक लिया जा रहा है., साथ ही जिन बच्चों के पास ऑनलाइन साधन उपलब्ध नहीं है उनके लिए ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था करते हुए स्कूल में मैटेरियल दिए गए हैं. अभिभावकों को इस बाबत फोन कर संपर्क भी साधा जा रहा है. Also Read - हृदय रोग से ग्रसित कोरोना संक्रमितों को जान का खतरा अधिक, जानिए क्या है इस पर एक्सपर्ट की राय 

बता दें कि हाल ही में दिल्ली सरकार के स्कूली बच्चों का रिजल्ट घोषित हुआ था. इस साल कुल 98 प्रतिशत बच्चों ने बाजी मारी है. इस बाबत अरविंद केजरीवाल ने बच्चों को बधाई देते हुए कहा था कि बच्चों ने रिकॉर्ड कायम कर दिया है. बता दें कि पिछले साल यह आंकड़ा 84 प्रतिशत से बढ़कर 88 प्रतिशत तक पहुंचा था. लेकिन अब यह 98 प्रतिशत तक पहुंच चुका है.

बता दें कि अभिभावकों द्वारा सभी राज्यों में मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखे जा रहे हैं. इस खत के माध्यम से अभिभावकों की सरकार से मांग है कि शैक्षणिक सत्र को अकादमिक ईयर घोषित किया जाए. साथ ही सभी छात्रों को अगली कक्षा में प्रोमोट किया जाए. साथ ही बच्चों की शिक्षा को लेकर अभिभावकों की मांग है कि अगले साल तक कुछ यूं कोर्स को मॉडिफाइई किया जाए ताकि छात्र उसे समझ सके और समय पर कोर्स खत्म हो सके.

Published:Sun, August 16, 2020 8:29am

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